One Rank One Pension for Railwaymen.

Com. Shiv Gopal Mishra, General Secretary of All-India Railwaymen’s Federation said – The issue of One Rank One Pension for railway employees was discussed in the Seventh Pay Commission and we will raise the issue again.

Railway employees too have raised the demand for One Rank One Pension, saying that they should not be ignored as like the defence personnel they also have dedicated their services to the nation.

Currently there are 13.26 lakh employees working in the Railways. “Railwaymen are performing dedicated service for the nation. Railway is the lifeline of the country. Employees are working round the clock across the country,” Mishra said.

He, however, said servicemen in defence forces should get OROP but the same principle should also be applicable to Railways. Our brothers in defence should get it as soon as possible. But at the same time we should also not be ignored.

One rank one pansion for railway employees

रक्षाकर्मियों की तरह अब रेलकर्मियों में भी वन रैंक वन पेंशन की मांग उठने लगी है। रेलकर्मियों का मानना है कि रक्षाकर्मियों की तरह उनकी सेवाओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

रक्षाकर्मियों की तरह से रेलकर्मियों ने भी रेल को चलाने में सेकेंड लाइनर की तरह भूमिका निभायी है। रेलवे में मौजूदा समय में करीब 12 लाख पेंशनभोगी हैं। ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के महामंत्री शिवगोपाल मिश्र ने बताया कि रक्षाकर्मियों की तरह रेलकर्मियों के लिए वन रैंक वन पेंशन की मांग जायज है।

इस सिलसिले में सातवें वेतन आयोग में रेलकर्मियों के संबंध में र्चचा हुई है। इस विषय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। लिहाजा रेलकर्मियों के हितों को देखते हुए इसे जोरदार ढंग से उठाया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि रेलवे में अभी 13.26 लाख कर्मचारी हैं जबकि 12 लाख पेंशनभोगी हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी देश के लिए समर्पित सेवा कर रहे हैं। रेलवे देश की जीवन रेखा है। कर्मचारी देश भर में चौबीसों घंटे काम करते हैं।



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